पंचकूला मेयर की टिकट पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ा झटका, सुधा भारद्वाज होंगी पार्टी की उम्मीदवार
चंद्रमोहन और शैलजा ने रोक दी रविंद्र रावल की राह

सत्य खबर हरियाणा
Panchkula Municipal Corporation : पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने अनुभवी और पार्टी की महिला विंग की पूर्व अध्यक्ष सुधा भारद्वाज पर भरोसा जताया है। उनका नाम मेयर उम्मीदवार के लिए फाइनल कर दिया गया है।मेयर उम्मीदवार के नाम की घोषणा प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने की। इससे पंचकूला में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस में मेयर उम्मीदवार के लिए पेंच फंसा हुआ था। पंचकूला विधायक चंद्रमोहन और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा सुधा के पक्ष में थे।
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र रावल की दावेदारी भी मजबूत थी। वे पंजाबी समुदाय से आते हैं, जिसके करीब 50 हजार मतदाता हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी रविंद्र रावल के पक्ष में थे। सुधा के समुदाय के करीब 15 हजार मतदाता हैं, लेकिन विधायक चंद्रमोहन का समर्थन मिलने से उनकी दावेदारी पक्की हो गई।

सुधा भारद्वाज कांग्रेस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं। उनके पति संजीव भारद्वाज प्रदेश कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज का काम देख रहे हैं। सुधा का परिवार हुड्डा विरोधी खेमें में गिना जाता है।
और कौन-कौन थे दावेदार
मेयर पद की टिकट चाहने वालों की सूची काफी लंबी थी। इनमें महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुधा भारद्वाज के साथ साथ नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष मनवीर कौर गिल, पूर्व अध्यक्ष रविंद्र रावल, सेवादल की प्रदेशाध्यक्ष सुनीता शर्मा जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। इनके अलावा एडवोकेट राज सिंह चौहान, पवन जैन, चंद्रभान गर्ग, सलीम, पूर्व पार्षद अक्षय दीप चौधरी, पंकज बाल्मीकि, रितेश कक्कड़, कुलदीप गर्ग और कृष्ण नन्हा ने भी टिकट की मांग की थी।
रावल कहां पड़े कमजोर
कांग्रेस की टिकट वितरण बैठक में चंद्रमोहन ने खड़े होकर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रविंद्र रावल के नाम का कड़ा विरोध किया। चंद्रमोहन ने आरोप लगाया कि रावल ने विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ काम किया था। रविंद्र रावल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके परिवार ने कांग्रेस को वोट दिया है। रावल ने पार्टी अनुशासन समिति द्वारा जारी नोटिस का जवाब दिया है, लेकिन चंद्रमोहन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस का जातीय समीकरण
कांग्रेस ने इस टिकट के माध्यम से जातीय समीकरण भी साधने का काम किया है। तीन नगर निगम के चुनाव होने हैं और कांग्रेस ने इनमें एक टिकट ब्राह्मण, एक पंजाबी और एक सैनी समुदाय को देने का काम किया। रविंद्र रावल को टिकट देने से दो टिकट पंजाबी समुदाय को चली जाती और ऐसे में बाकी समुदाय के लोग कांग्रेस के खिलाफ खड़े हो सकते थे। कांग्रेस ने बीसीबी समुदाय के लिए रिजर्व अंबाला से सैनी समाज को टिकट देने का काम किया है।
महिला आरक्षण बिल के बीच कांग्रेस का बड़ा दांव
अभी 2 दिन पहले संसद में गिरे बिल के बाद कांग्रेस ने तीन टिकटों में से दो टिकट महिलाओं को देकर इस बात को साबित करने का प्रयास किया है कि कांग्रेस महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ नहीं है। राजनीतिक दृष्टि से इस बात को गंभीरता से देखा जा रहा है।
निगम पार्षद और रेवाड़ी नगर परिषद की टिकट पर भी जल्द फैसला
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस निगम पार्षदों और रेवाड़ी नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा जल्द ही करेगी। रेवाड़ी नगर परिषद पर कांग्रेस अग्रवाल समाज या यादव समाज के किसी व्यक्ति को मैदान में उतार सकती है।
#Haryana #BhupinderSinghHooda #Panchkula #SudhaBhardwaj #PoliticalNews #ElectionUpdates #MunicipalElections #HaryanaPolitics #Congress #MayorElection #PoliticalSetback #HaryanaElections #PanchkulaMayor #LeadershipChallenge #VoterEngagement #LocalPolitics #CandidateAnnouncement #Election2026 #HaryanaLeadership #DemocracyInAction